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World Music Day 2019

200 कलाकार एक जगह 12Hr सुनाएंगे गीत

कोलकाता: जिस तरह 21 जून को विश्‍व योगा दिवस मानाया जाता है ठीक उसी प्रकार 21 जून को विश्व संगीत दिवस भी मनाया मनाया जाता है। विश्व में सदा ही शांति बरकरार रखने के लिए ही फ्रांस में पहली बार 21 जून 1982 में प्रथम विश्व संगीत दिवस मनाया गया था। इससे पहले अमेरिका के एक संगीतकार योएल कोहेन ने साल 1976 में इस दिवस को मनाने की बात की थी। 

ऐसा माना जाता है कि हर ‌किसी शख्स के साथ अपने पसंद की गीत सुनने के दौरान शरीर के संवेदनशील अंगों में हरकतें होती हैं। मन झुमने लगता है, और तन मन तो स्वत: रागों में खो जाते हैं। आ‌दि काल से संगीत का सेहत पर पडने वाले साकारात्मक पहलू को ही अब संगीत थैरेपी का नाम दे ‌दिया गया है। 
 

25 संस्थाओं के 200 कलाकार एक ही मंच पर 12 घंटों तक सुनाएंगे गीत
जानकारी हो कि विश्व संगीत दिवस पर 21 जून को उज्जैन शहर सहित प्रदेश के अन्य शहरों की 25 संस्थाओं के 200 कलाकार एक ही मंच पर 12 घंटों तक गीत सुनाएंगे। दोपहर 12 बजे से रात 12 बजे तक शिप्रा तट के समीप बनी राणोजी की छत्री पर यह कार्यक्रम होगा। विश्व संगीत दिवस पर इस तरह का यह शहर में पहला आयोजन है। इसमें 12 घंटों तक एक ही मंच पर कलाकार नॉन-स्टॉप गीत सुनाएंगे। इस कार्यक्रम की खास बात यह है कि इसमें शहर की सभी प्रमुख 25 म्यूजिक संस्थाओं के कलाकार गीत सुनाएंगे। शहर की सभी संस्थाओं का भी यह महाकुंभ होगा। उज्जैन के अलावा इंदौर, भोपाल, देवास, शाजापुर, आगर, रतलाम सहित राजस्थान के भी कलाकार इसमें सहभागिता करेंगे। कुल 200 कलाकारों की अब तक सहमति मिल चुकी है। कार्यक्रम से पहले 21 जून की सुबह 11 बजे टावर चौक से कलाकारों की वाहन रैली भी निकाली जाएगी, जो आयोजन सथल पहुंचेगी।


संगीत संध्या में नगरोटा बगवां के विधायक अरुण कूका बतौर मुख्यातिथि शिरकत करेंगे। कार्यक्रम में कांगड़ा की आवाज विनोद सोनी की गजलें विशेष आकर्षण का केंद्र होंगी। संगीत परिषद के अध्यक्ष अजय धीमान ने कहा कि परिषद शास्त्रीय संगीत परंपरा को जीवित रखने के लिए कृतसंकल्प है।
क्यों मनाया जाता है 'वर्ल्ड म्यूजिक डे'

आज पूरा विश्व वर्ल्ड योगा डे के साथ-साथ वर्ल्ड म्यूजिक डे भी मना रहा है। ऐसे में आइए जानते हैं कि आखिर क्यों 21 जून को ही मनाया जाता है 'वर्ल्ड म्यूजिक डे' और क्या है इसकेे फायदे या यूं कहें कि क्‍यों हम सब के लिए ये दिन इतना खासियत भरा है। जानकारी हो कि वर्ल्ड म्यूजिक डे का आयोजन सबसे पहले फ्रांस में हुआ था। फ्रांस के लोगों में संगीत को लेकर एक खास लगाव देखने को मिलता है। लोगों के इसी लगाव को देखते हुए 21 जून को 'वर्ल्ड म्यूजिक डे' के रूप में मनाने की घोषणा की गई। इसके बाद सबसे पहला संगीत दिवस 21 जून साल 1982 में मनाया गया। इस के बाद से ही हर साल पूरी दुनिया 'वर्ल्ड म्यूजिक डे' मनाती आ रही है। फ्रांस में इस जलसे को 'Fete de la Musique' के नाम से भी जाना जाता है।


दरअसल फ्रांसीसी लोगों की संगीत के प्रति दिवानगी को देखते हुए 21 जून 1982 को आधिकारिक रूप से संगीत-दिवस की घोषणा कर दी गई। जिसके बाद पूरे विश्व में यह दिन बड़े उल्लास से मनाया जाने लगा। साल 1976 में अमेरिका के मशहूर संगीतकार जोएल कोहेन ने फ्रांस में संगीत पर आधारित एक जलसे का आयोजन किया था। जिसके बाद हर साल 21 जून को वर्ल्ड म्यूजिक डे मनाया जाता है।  

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